-महेश सिंह मानव स्वभाव को समझने के लिए दुनियां भर में सदियों से चिंतन-मनन होता आया है। इसके लिए न जाने कितनों ने अपना पूरा जीवन बिता दिया लेकिन यह एक ऐसी पहेली है जो आजतक अनसुलझी है। आप अपने खुद के अनुभव से ही समझें तो अक्सर हम अपने आसपास के लोगों के व्यवहार से हैरान हो जाते हैं। कभी-कभी ऐसा लगता है कि कोई करीबी दोस्त अचानक बदल गया है, तो कभी हमें किसी की मुस्कुराहट के पीछे छिपे असली इरादे समझ नहीं आते। हम खुद से यह सवाल पूछते हैं कि आखिर लोग ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं ? इस तरह यह सवाल हमें काफी समय के लिए परेशान कर देता है। कई बार तो ऐसा होता है कि हमे समझना कुछ और चाहिए, समझ कुछ और लेते हैं। नतीजतन हमारा अपना खुद का व्यवहार ही बदलने लगता है। आइए, इस लेख के माध्यम से हम उन सभी पहलुओं को विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं जो हमें न केवल दूसरों को बल्कि खुद को भी बेहतर इंसान बनाने में मदद करते हैं। इस संदर्भ में सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात है- 'अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना'। हम मनुष्यों का सामान्य स्वभाव है कि हम खुद को बहुत तार्किक या समझदार मानते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि हम...
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