समीक्षक : डॉ. सुमित पी.वी. समकालीन हिंदी कविता के परिदृश्य में जहाँ एक ओर नितांत वैयक्तिक अनुभूतियों का बोलबाला है, वहीं पवन कुमार सिंह का नया कविता संग्रह 'निर्विवाद और अन्य कविताएं' ए…
Read moreलोककथाएँ, छोटे-छोटे किस्से और कहावतें किसी भी समाज की स्मृति और अनुभवों का सार होती हैं। वे न केवल मनोरंजन का साधन बनती हैं बल्कि पीढ़ियों के अनुभव, मूल्य और जीवन-दर्शन को संप्रेषित करने का भी क…
Read moreलखनऊ निवासी प्रतिष्ठित लेखक रामनगीना मौर्य ने पिछले कुछ वर्षों में ‘आखिरी गेंद’, ‘आप कैमरे की निगाह में हैं’, ‘साॅफ्ट काॅर्नर’ व ‘यात्रीगण कृपया ध्यान दें’, ‘मन बोहेमियन’, ‘आगे से फटा जूता’ एवं …
Read moreराकेश कबीर का कविता संग्रह ‘तुम तब आना’ चार विभागों में है। यह संग्रह लोकभारती प्रकाशन से प्रकाशित है। इस काव्य संग्रह में लगभग 97 कविताएं लिखी हैं जिसमें पहले विभाग में ‘ कुछ अपनी बात कहूं’, ‘प…
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