ए क समय था जब कबीर जैसा व्यक्ति बाजार में खड़ा होकर सबकी खैर मांग सकता था। ' कबीरा खड़ा बाजार में मांगे सबकी खैर। ' सबकी खैर चाहना मानवीय करुणा का एक बड़ा उदाहरण कहा जा सकता है। वहाँ उसे ना…
Read moreछो टी-छोटी बातों को लेकर दुखी होना मनुष्य का सामान्य स्वभाव है। खुश होना भी इसी के दायरे में आता है। मतलब यह कि सुख और दुख जीवन के सहचर हैं। यह दोनों भाव मनुष्य में कभी-कभी व्यक्तिगत स्तर पर उभर…
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