हिंदी साहित्य को साहित्य के इतिहासकारों द्वारा मुख्यतः आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, और आधुनिककाल के नाम से चार कालखंडो में विभाजित किया गया है। सभी कालखंडों के भी अपने-अपने प्रवृतिगत विभाजन हैं। इ…
Read moreभारतीय समाज की यह विडंबना रही है कि यहाँ नायकों को भगवान बनाकर उनकी विचारधारा को दफन कर दिया जाता है। अंबेडकर के साथ भी यही हुआ। जिस तेजी से उनकी तस्वीरों पर मालाएं चढ़ाई जा रही हैं, उस तेजी से उ…
Read moreहिंदी सिनेमा के लंबे इतिहास में आशा भोंसले को सिर्फ एक पार्श्व गायिका के रूप में देखना मुझे लगता है हमारी अधूरी समझ होगी। साठ और सत्तर के दशक का भारतीय समाज और सिनेमा एक बहुत ही तयशुदा रास्ते पर…
Read moreवीरेन नंदा द्वारा निर्देशित फिल्म 'खड़ीबोली के भगीरथ' उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में हिंदी भाषा के विकास और उसके मानक स्वरूप निर्धारण के ऐतिहासिक संघर्ष का विस्तृत दस्तावेजीकरण है। यह फि…
Read moreहाल ही में अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुई फिल्म सूबेदार एक ऐसी फिल्म है जो एक साथ कई कहानियों, सामाजिक मुद्दों और मानवीय भावनाओं को समेटने का प्रयास करती है। सुरेश त्रिवेणी द्वारा निर्देशित …
Read moreमातृभाषा हमारे भीतर की वह पहली आवाज़ है जिससे हम दुनिया को समझना शुरू करते हैं। हम कौन हैं, कहाँ से आए हैं और हमारी पहचान क्या है, यह सब हमें हमारी भाषा ही बताती है। जब एक छोटा बच्चा अपनी माँ की …
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