पूनम को आज खुशियों का ठिकाना नहीं है , वह आज इतना खुश है कि अपनी खुशी को कभी गुन-गुना कर तो कभी आईने में अपने ही चेहरे को देख कर बोलती है- “ तो आज तुम्हारी मातृत्व पूर्ण हुई ” और हंस कर शर्मा कर…
सिंहासन बत्तीसी की कहानियाँ सुनीं थीं। टी. वी. पर धारावाहिक भी देखा और अनुमान भी लगाया कि राजा विक्रमादित्य अपने सिंहासन पर बैठे कैसे लगते होंगे ? लेकिन मेरी यह कल्पना तब साकार हुई , जब विद्याल…