समसामायिक प्रसंगों पर पाठकों को बैचेनी और तिलमिलाहट के साथ कुछ सोचने को मजबूर करने वाले व्यंग्य और कटाक्ष की पैनी नजर रखने वाले धर्मपाल महेंद्र जैन का नाम व्यंग्य-विधा में चिर-परिचित है। इस व्यं…
Read moreसतीश राठी ने साहित्य के क्षेत्र में लगातार काम करते हुए विशेष रूप से लघुकथा को अच्छी तरह से साधा है, क्षितिज साहित्यिक संस्था के माध्यम से राठी जी ने कई नवांकुरों को वरिष्ठ लघुकथाकारों का मार्गद…
Read moreए क समय था जब कबीर जैसा व्यक्ति बाजार में खड़ा होकर सबकी खैर मांग सकता था। ' कबीरा खड़ा बाजार में मांगे सबकी खैर। ' सबकी खैर चाहना मानवीय करुणा का एक बड़ा उदाहरण कहा जा सकता है। वहाँ उसे ना…
Read moreशैलेन्द्र कुमार शुक्ल समकालीन हिंदी कविता के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। 'सावन सुआ उपास' उनका ताजा और पहला ही काव्य संग्रह है। मैं समझता हूँ कि इस संग्रह के गंभीर पाठक उनके दूसरे काव्य संग…
Read more“पुई के सवाल पर देवकी सोखा गंभीर हो गये, कुछ क्षण मौन रहने के बाद बोले- ई दुनियाँ विश्वास पर टिकी है बाबू! आप पढ़े लिखे लोग को जितना विश्वास अपनी किताब, वेद-शास्तर पर है, उतना ही मुझे वामति माई …
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