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Showing posts from December, 2024

'सामाजिक बदलाव के लिए साहित्य को राजनीतिक रास्ते की ओर भी देखना होगा।' - डॉ. अनिल राय

ग्रामीण पुस्तकालय भलुआ, देवरिया की स्थापना दिवस के उपलक्ष में स्व. विंध्याचल सिंह स्मारक न्यास द्वारा आयोजित  29 दिसम्बर 2024 को 'पूँजीवादी विकास के दौर में लोकतांत्रिक मूल्य और साहित्य' विषय पर परिचर्चा, सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ।  कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों को असमिया गमुसा और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत करने से हुआ। इसके बाद पहले से तय विषय पर परिचर्चा की शुरुआत हुई। विषय प्रवेश करते हुए देवरिया के वरिष्ठ साहित्यकार उद्भव मिश्र ने पूँजीवाद के इतिहास से परिचित कराते हुए कहा कि शुरुआत में पूँजीवाद ने सामंतवाद से मुक्ति दिलायी पर आज केंद्रित पूँजीवाद सामंती औजार बन गया है,जो नये तरह के सामंती व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। मनुष्य कब पूँजीवाद के गिरफ्त में आ जाता है; पता नहीं चलता है।' जनवादी लेखक संघ गोरखपुर के अध्यक्ष जयप्रकाश मल्ल ने कहा कि 'पूँजीवाद के दौर में आम इंसान से कार्य करने के अवसर छीने जा रहे हैं, पूँजीवाद में विकास तो दिख रहा है लेकिन इसी अनुपात में लोग भुखमरी से मर भी रहे हैं।' जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रका...

चौथा अनहद कोलकाता सम्मान डॉ. सुनील कुमार शर्मा को

मनीषा त्रिपाठी फाउंडेशन फिल्म तथा अनहद कोलकाता वेब पत्रिका की ओर से दिया जाने वाला चौथा मनीषा त्रिपाठी स्मृति अनहद कोलकाता सम्मान 2024 हिन्दी भाषा के महत्वपूर्ण कवि-गद्यकार एवं विज्ञान लेखक डॉ. सुनील कुमार शर्मा को प्रदान किया जाएगा। अनहद कोलकाता के प्रबंध निदेशक उमेश त्रिपाठी ने बताया कि यह सम्मान हर वर्ष कला के किसी भी विधा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले एक कला साधक को दिया जाता है। इसके पूर्व यह सम्मान हिन्दी के महत्त कवि एवं एक्टिविस्ट केशव तिवारी और महिलाओं के सवालों को अपनी कविता में पूरजोर तरीके से उठाने वाली हिन्दी की ही कवि रूपम मिश्र तथा महत्त कवि कथाकार, पत्रकार, फिल्मकार एवं चित्रकार डॉ. अभिज्ञात को दिया जा चुका है। सम्मान स्वरूप सम्मानित कलाकार को ग्यारह हजार रूपए की मानदेय राशि सहित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।                    डॉ. सुनील कुमार शर्मा हिन्दी में उस परम्परा के लेखक हैं जिनकी जड़ें विज्ञान और भारतीय परम्परा में धँसी हुई हैं। उन्होंने हिन्दी कविता को न केवल नए शब्द दिए हैं वरन् चैट जीपीटी एवं ...