Showing posts from January, 2022

यह खेल खत्म करों कश्तियाँ बदलने का (आदिवासी विमर्श सपने संघर्ष और वर्तमान समय)

“सियाह रात नहीं लेती नाम ढ़लने का यही वो वक्त है सूरज तेरे निकलने का कहीं न सबको संमदर बहाकर…

चयनित हिंदी फिल्मों में होमोसेक्शुअलिटी का रूपांकन : दोस्ताना, गर्लफ्रेन्ड, फायर, पेज थ्री

समाज , होमोसेक्स्शुलिटी और पितृसत्ता दुनिया की लगभग सभी सभ्यताओं में महिला और पुरुष के रिश्ते …

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